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दिये का साक्षात्कार

Posted On: 26 Oct, 2011 में

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दिये का साक्षात्कार

############

मैंने पूंछा

ए दिये

क्या  करते हो  तुम रौशनी

निश्कपट, निस्वार्थ

दिया बोला “हाँ ” मगर

नहीं जलाते अब लोग मुझे

निशकपट ,निस्वार्थ

मैंने कहा ,तुम भी तो नहीं जलते

अब बिना धुंआ किये ?

रो दिया वो “दिया”

नहीं देता मुझे तेली शुद्ध तेल

न बाती ,न शुद्ध मन ,

जो मै जल सकूँ   बिना धुएं के

दे सकूँ वो रौशनी जो करे दिलों को रौशन

पी लूँ जहर मिला तेल भी

निगल जाऊं हलक में रस्सी समझ बाती मगर

किर तरह जलूं ,बिन भावना ,बिन प्रेम

कैसे मिटा सकूँ  अँधेरे  अपने औ तुम्हारे

इस तरह  मैं “दिया”

#############

मलकीत सिंह “जीत”

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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Yancy के द्वारा
October 30, 2011

I am forever indebted to you for this inofmration.

abodhbaalak के द्वारा
October 29, 2011

सुन्दर रचना मलकीत जी. दीवाली की शुभकामनाएं http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

manoranjanthakur के द्वारा
October 29, 2011

श्रीमलकीत जी बेटी बचओ में सामिल हो गया हु आगे क्या करना है बताते रहेंगे

akraktale के द्वारा
October 27, 2011

जीत जी , बहुत सुन्दरता से आपने एक दिए के मन की बात कही है. बधाई.

Harish Bhatt के द्वारा
October 27, 2011

मलकीत जी सादर प्रणाम. दिवाली के पर्व की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ बहुत अच्छी रचना के लिए हार्दिक बधाई.

    malkeet singh jeet के द्वारा
    October 27, 2011

    आदरनीय आपका स्नेह पाकर दीवाली पूर्ण शुभ हो गई आपको भी लाख लाख वधाईयां

nishamittal के द्वारा
October 27, 2011

बहुत सुन्दर सार्थक रचना वास्तविक स्थिति पर.

    malkeet singh jeet के द्वारा
    October 27, 2011

    आदरनीय आपका आशीर्वाद मेरा मनोबल बढ़ाएग.आपका स्नेह मिलता रहे यही आशा है. धन्यवाद.

alkargupta1 के द्वारा
October 27, 2011

बाज़ार और मन की अशुद्धता को दीये के माध्यम से बहुत ही सुन्दरता से शब्दों में पिरोया है……श्रेष्ठ कृति !

    malkeet singh jeet के द्वारा
    October 27, 2011

    आदरनीय    सराहना के लिए धन्यवाद. दीपावली आपके परिवार के लिए भी बहुत शुभ हो.

Dr. SHASHIBHUSHAN के द्वारा
October 27, 2011

दर्द दिये का जो शब्दों में पिरोया आपने, और बाती को भिगोया दर्द में जो आपने, इसके आगे क्या कहूँ, मैं इसके आगे क्या कहूँ….।

    malkeet singh jeet के द्वारा
    October 27, 2011

    डॉ. साहब सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए बहुत धन्यवाद ! सपरिवार आपको दीपावली की ढेरों मंगलकामनाएं !

manoranjanthakur के द्वारा
October 27, 2011

बिलकुल ही सार्थक रचना बधाई

    malkeet singh jeet के द्वारा
    October 27, 2011

    मनोरंजन जी प्रोत्साहन के लिए हार्दिक धन्यवाद !


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